मस्त विचार 372
तू मेरी खवाहिशो को कम कर दें.
तू मेरी खवाहिशो को कम कर दें.
एक पल की दूरी में रो जाते हैं.
ऐ यार..हमें इतना बता दो कि हम ही ऐसे हैं,
या आपसे प्यार करने के बाद सब ऐसे हो जाते हैं…
ज़िन्दगी जंग है, इस जंग को जारी रखिये.
कितने दिन जिन्दा रहे इसका क्या गिनना.
किस तरह जिन्दा रहे, इसकी शुमारी रखिये.
अपनी हालत पे मुझे खुद भी हंसी आती है.
कभी हम महक जाते हैं तो कभी बहक जाते हैं!!
जब गमों ने तुमको घेरा हो, तुम हाल *मुरशद* को सुना देना,
जब दुनियाँ तुम से मुँह मोड़े , तुम अपने *मुरशद* को मना लेना,
जब अपने तुमको ठुकरा दे , *मुरशद* के दर को तुम अपना लेना,
जब कोई तुम को रूलाये तो, तुम *मुरशद* के गीत गुनगुना लेना,
*मुरशद* करूणा का सागर है , तुम उसमें डुबकी लगा लेना ,,,,?