मस्त विचार 380

जो इन्सान परिवर्तनों को ख़ुशी-ख़ुशी स्वीकार कर लेता है,

वह कई प्रकार के सुखों को अपने साथ जोड़ लेता है.

मस्त विचार 377

एक दिन किसी ने मुझ से पूछा

तू अपने यार में इतना क्यों खोया है ?

तब मैंने उन से कहा

उसी ने तो हँसना सिखाया है

वरना जो भी मिला उसी ने रुलाया है.

मस्त विचार 376

 “उदास होने के लिए उम्र पड़ी है,

“नज़र उठाओ सामने ज़िंदगी खड़ी है,

“अपनी हँसी को होंठों से न जाने देना!

“क्योंकि आपकी मुस्कुराहट के पीछे दुनिया पड़ी है…!!!

error: Content is protected