मस्त विचार 346

खुशियाँ मिलती नही ,मागँने से ,

मंजिल मिलती नही ,राह पर रूक जाने से ,

भरोसा रखना खुद पर और उस रब पर,

सब कुछ देता है,वो वकत आने पर ,

मस्त विचार 344

किसकी याद में रोता है दीवाने ?

मैं रोता नहीं हूँ,

जब आँसू मिलते हैं,

लगता है एहसान किया उसने.

घबराता हूँ,

जब आँसू नहीं निकलते,

लगता है कोई खता की मैंने.

आँसू दे कर एहसान किया है.

मैं रोता नहीं हूँ.

मस्त विचार 343

ऎ आजाद हवाओं, गुजारिश करता हूँ तुम से.

जब- जब यार की गली से गुजरना.

मेरे यार की खुशबू से महक, घर मेरे तू ले कर आना.

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