मस्त विचार 344

किसकी याद में रोता है दीवाने ?

मैं रोता नहीं हूँ,

जब आँसू मिलते हैं,

लगता है एहसान किया उसने.

घबराता हूँ,

जब आँसू नहीं निकलते,

लगता है कोई खता की मैंने.

आँसू दे कर एहसान किया है.

मैं रोता नहीं हूँ.

मस्त विचार 343

ऎ आजाद हवाओं, गुजारिश करता हूँ तुम से.

जब- जब यार की गली से गुजरना.

मेरे यार की खुशबू से महक, घर मेरे तू ले कर आना.

मस्त विचार 342

ये तो जिंदगी की कशमकश मे थोड़ा उलझ गये है दोस्तों,

वरना हमतो उनमे से हैं …..

जो दुश्मनों को भी अकेला महसूस नहीं होने देते … ।”

मस्त विचार 341

दुनियादारी में हम थोड़े कच्चे हैं,

पर दोस्ती के मामले में सच्चे हैं,

हमारी सच्चाई बस इस बात पर कायम है,

कि हमारे दोस्त हमसे भी अच्छे हैं.

error: Content is protected