मस्त विचार 324

ये देखा है हमने आजमा कर.

लोग अक्सर धोखा देते हैं करीब आकर.

कहती है ये दुनिया पर ये दिल नहीं मानता.

एक दिन छोड़ जाओगे आप भी अपना बना कर. 

मस्त विचार 323

रिश्ते वो नहीं, जो हम बनाते हैं,

रिश्ते वो हैं, जिन्हें वक्त बनाते हैं.

अपने वो नहीं, जिन्हें हम चाहते हैं,

अपने तो वो हैं, जो हमें चाहते हैं.

मस्त विचार 319

दर्दे दिल, ज़ख्मे तमन्ना और तन्हाई के मंज़र….

कैसे- कैसे मेहरबां साथी बना लेता हूँ मैं…….

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