मस्त विचार 299
अगर यह भी हम सोचेंगे तो लोग क्या सोचेंगे ?
मस्त विचार 298
के जिस के भी लबों पे आए, मुस्कुराहट के साथ आए.
मस्त विचार 297
Taste करो तो भी पिघलती है और waste करो तो भी.
इसलिए life को taste करना सीख लो,
वरना waste तो हो ही रही है.
मस्त विचार 296
मैंने पेड़ों को प्यासा देखा है, सावन की धुप में,
घुलमिल के बहुत रहते हैं, लोग जो शातिर हैं बहुत
मैंने अपनों को तनहा देखा है, बेगानों के रूप में !
मस्त विचार 295
बिन बुलाया मेहमान बनना, मेरी आदत नही…!
मैं अपने गम में रहता हूँ, नबाबों की तरह,
परायी ख़ुशी के पास जाना, मेरी आदत नही…!
सबको हँसता ही, देखना चाहता हूँ मै,
किसी को धोखे से भी, रुलाना मेरी आदत नही…!
बांटना चाहता हूँ तो बस, प्यार और मोहब्बत,
यूँ नफरत फैलाना, मेरी आदत नही…!
ज़िदगी मिट जाये, किसी की खातिर गम नही,
कोई बद्दुआ दे मरने की, यूँ जीना मेरी आदत नही…!
सबसे दोस्त की हैसियत से, बोल लेता हूँ,
किसी का दिल दुखा दूँ,मेरी आदत नही…!
दोस्ती होती है, दिलों के चाहने पर,
जबरदस्ती दोस्ती करना, मेरी आदत नही..!
अगर दोस्ती दौलत है…
तो हम इस शहर के, सबसे अमीर इंसान है……




