मस्त विचार 294

सम्भव क्या असम्भव क्या , ये तो एक आडम्बर है.

पहचानो उस शक्ति को , जो छुपी तुम्हारे अंदर है .

मस्त विचार 293

जिन्दगी मुश्किल है अगर तू न साथ है.

मै तो हूँ बेवकूफ़ तू समझदार है.

ज़िन्दगी की नैया को तू ही संभालना.

तू ही तो मेरा तारणहार है.

मस्त विचार 292

मैं वो खेल नहीं खेलता, जिसमें जीतना फिक्स हो.

क्योंकि

जीतने का मज़ा तब है, जब हारने का रिस्क हो.

मस्त विचार 291

कोई दुःख नहीं कोई सुख नहीं.

तू मिल गया मुझे कोई प्यास नहीं.

तू पिलाते ही रहना मै पीता रहूँगा.

तेरा साथ अब मै कभी ना छोडूंगा.

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