मस्त विचार 294
सम्भव क्या असम्भव क्या , ये तो एक आडम्बर है.
पहचानो उस शक्ति को , जो छुपी तुम्हारे अंदर है .
पहचानो उस शक्ति को , जो छुपी तुम्हारे अंदर है .
मै तो हूँ बेवकूफ़ तू समझदार है.
ज़िन्दगी की नैया को तू ही संभालना.
तू ही तो मेरा तारणहार है.
क्योंकि
जीतने का मज़ा तब है, जब हारने का रिस्क हो.
तू मिल गया मुझे कोई प्यास नहीं.
तू पिलाते ही रहना मै पीता रहूँगा.
तेरा साथ अब मै कभी ना छोडूंगा.
मेरे दरवाज़े पे पहरा न बिठाओ लोगो…….
रास्ते बदलना मेरी फिदरत में नहीं है .