मस्त विचार 368
कभी हम महक जाते हैं तो कभी बहक जाते हैं!!
कभी हम महक जाते हैं तो कभी बहक जाते हैं!!
जब गमों ने तुमको घेरा हो, तुम हाल *मुरशद* को सुना देना,
जब दुनियाँ तुम से मुँह मोड़े , तुम अपने *मुरशद* को मना लेना,
जब अपने तुमको ठुकरा दे , *मुरशद* के दर को तुम अपना लेना,
जब कोई तुम को रूलाये तो, तुम *मुरशद* के गीत गुनगुना लेना,
*मुरशद* करूणा का सागर है , तुम उसमें डुबकी लगा लेना ,,,,?
कहीं न कहीं जरूर होता है,
हाँ, हम यकीन न कर पायें ये ओर बात है, मगर ऎसा होता है.
तुम्हारे दिल के कोने में एक ऐसा, कब्रिसतान होना चाहिए.
जहाँ तुम दोस्तों की गलतियों को दफना सको.
जो हमारी खुशियों में हमारे साथ नहीं था,
लेकिन बुरे दौर में वह हमारे साथ रहा.
अकेले को मिलके हजारों ने लूटा !!