मस्त विचार 264
मेरे कदम से कदम मिला यार.
मेरी आँख से आँख मिला यार.
मेरे संग साथ रहो मेरे यार.
तेरे होने से खुद ही मौसम महकेगा.
तेरे साथ से दुनिया के सारे नज़ारों को भी थाम लूँगा.
विष अमृत में खुद बदलेगा यार.
मेरे कदम से कदम मिला मेरे यार.
मेरी आँख से आँख मिला यार.
मेरे संग साथ रहो मेरे यार.
तेरे होने से खुद ही मौसम महकेगा.
तेरे साथ से दुनिया के सारे नज़ारों को भी थाम लूँगा.
विष अमृत में खुद बदलेगा यार.
मेरे कदम से कदम मिला मेरे यार.
जो मजबूरियों का रोना रोया नहीं करते.
पूरी कहानी है, जिसे ढोया है मैंने सालों से एक बोझ कि तरह.
बातें ऐसे कीजिए जिनमे हो अमृत्त भरा.
मीठी बोली बोल सब को प्रेम से पुकारिए.
कड़वे बोल बोल के न ज़िन्दगी गुजारिए.
हँसते- मुस्कुराते हुए ज़िन्दगी गुजारिए.
सागर से नदियाँ भली, जो सब की प्यास बुझाय.
जिनको मेरी तरह गम ने मारा होगा.
किनारे पर खड़े लोग क्या जाने,
डूबने वाले ने किस किस को पुकारा होगा.