मस्त विचार 270

मुझे *घमंड* था की मेरे *चाहने* वाले बहुत हैं

इस *दुनिया* में~

बाद में *पता* चला की सब *चाहते* हैं~

*अपनी ज़रूरत के लिए*..!!!

मस्त विचार 269

मोहब्बत में जो डूबा हो उसे साहिल से क्या लेना,

किसे इस लहर में जा कर किनारा याद रहता है ?

सफ़र-ए-ज़िन्दगी का एक मुसाफ़िर सा मैं.., ख़ुद को

कहाँ ढुढ़ू ? अब मुझको चेहरा तुम्हारा याद रहता है………..

मस्त विचार 267

भटक रहा था अन्धकार में, तेरा सहारा मुझे मिल गया.

_ मन का घोड़ा खूब दौड़ाया, थक हार कर पास तेरे आया.

_ मन विछेप से भरा पड़ा था, मोह ममता से जला पड़ा था.

_ झूल रहा था अज्ञानता का झूला, आनन्द रूप हूँ था कब से भूला.

_ तू ने जोड़ लिया संग अपने, फिर मुझे काहे की देर थी.

_ तू ने जो ज्ञान सुनाया, मेरा आनन्द रूप मुझको जनाया.

_ भटक रहा था अन्धकार में, तेरा सहारा मुझे मिल गया.

जिंदगी का झूला अगर पीछे भी जाए मत घबराना, वो आगे भी आएगा..!!

मस्त विचार 266

 रिश्तो के बजार में आजकल ….,

वो लोग हमेशा अकेले पाये जाते हैं..,

जो दिल और जुबान के सच्चे होते हैं…

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