मस्त विचार 338

इन्कार किया जिन्होंने मेरा समय देखकर.

वादा है मेरा ऐसा समय भी लाऊंगा कि,

मिलना पड़ेगा मुझ से समय लेकर.

मस्त विचार 337

जीवन में कभी भी किसी को कसूरवार न बनाए,

अच्छे लोग खुशियाँ लाते है,,बुरे लोग,तजुर्बां,,,,।

मस्त विचार 334

अँधेरे कहाँ समझते हैं, मशाल के जलने का दर्द.

वजह कोई भी हो, हर सूरत में दोनों की मात तो है.

डूबने वाले के लिए फर्क नहीं, मझधार और किनारे में.

बेबसी का मतलब, ज़िन्दगी के उलझे हालात ही तो हैं.

मस्त विचार 333

हम तो खिलने को तैयार हैं, हम तो मिलने को बेकरार हैं.

मांगते नहीं तुझ से जन्नत, बस तुम से तुम्ही को मांगते हैं.

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