मस्त विचार 273
लोग रूप देखते हैं; हम दिल देखते हैं;
लोग सपना देखते हैं; हम हक़ीकत देखते हैं;
बस फर्क इतना है कि;
लोग दुनिया में दोस्त देखते हैं; हम दोस्तों में दुनिया देखते हैं…।।।
लोग सपना देखते हैं; हम हक़ीकत देखते हैं;
बस फर्क इतना है कि;
लोग दुनिया में दोस्त देखते हैं; हम दोस्तों में दुनिया देखते हैं…।।।
पर तू तकलीफ से गुजरे, ये हमें गवारा नहीं.
डरा सकती नही डूबे हुओं की दास्तां मुझको…..
इस *दुनिया* में~
बाद में *पता* चला की सब *चाहते* हैं~
*अपनी ज़रूरत के लिए*..!!!
किसे इस लहर में जा कर किनारा याद रहता है ?
सफ़र-ए-ज़िन्दगी का एक मुसाफ़िर सा मैं.., ख़ुद को
कहाँ ढुढ़ू ? अब मुझको चेहरा तुम्हारा याद रहता है………..
पर क्यों रहूँ उदास, एक उम्मीद है बाकी……..