मस्त विचार 273

लोग रूप देखते हैं; हम दिल देखते हैं;

लोग सपना देखते हैं; हम हक़ीकत देखते हैं;

बस फर्क इतना है कि;

लोग दुनिया में दोस्त देखते हैं; हम दोस्तों में दुनिया देखते हैं…।।।

मस्त विचार 270

मुझे *घमंड* था की मेरे *चाहने* वाले बहुत हैं

इस *दुनिया* में~

बाद में *पता* चला की सब *चाहते* हैं~

*अपनी ज़रूरत के लिए*..!!!

मस्त विचार 269

मोहब्बत में जो डूबा हो उसे साहिल से क्या लेना,

किसे इस लहर में जा कर किनारा याद रहता है ?

सफ़र-ए-ज़िन्दगी का एक मुसाफ़िर सा मैं.., ख़ुद को

कहाँ ढुढ़ू ? अब मुझको चेहरा तुम्हारा याद रहता है………..

error: Content is protected