मस्त विचार 246
तुझ से दूरी का एहसास सताने लगा,
तुझ संग गुजरा हर लमहा याद आने लगा,
जब भी तुझे भूलाने की कोशिश की,
तू तो और भी करीब लगने लगा.
तुझ संग गुजरा हर लमहा याद आने लगा,
जब भी तुझे भूलाने की कोशिश की,
तू तो और भी करीब लगने लगा.
हँसता हुआ चेहरा तो ज़माने के लिए है.
वो शख़्श पास रह के भी, समझा नहीं मुझे……….
थोड़े से अँधेरे से रात नहीं होती,
जिंदगी में कुछ लोग बहुत प्यारे होते हैं,
क्या करें उन्ही से हमारी ‘मुलाकात’ नहीं होती.
अब जिसको देखिए उसे अपनी तलाश है……….
मन है परेशान उसकी व्यथा क्या लिखूँ.
मिलना- बिछुड़ना सब हो रहा एक साथ.
इसको क्या तो गाऊं और क्या तो रोऊँ.
सुख- दुःख के बीच से ही ज़िन्दगी गुजरी है.
बाकि क्या बताऊँ कि मुझपे क्या गुजरी है.
अब अपने बारे में और क्या लिखूँ.
सुख- दुःख के बीच से ही ज़िन्दगी गुजरी है.