| Aug 30, 2014 | मस्त विचार
औरों के लिए जीते थे तो किसी को शिकायत ना थी ,
जरा सा अपने लिए क्या सोचा , जमाना दुश्मन बन गया.
| Aug 30, 2014 | मस्त विचार
दिल सुन के तेरा नाम धड़कता है अदब से….
हालांकि तुझे आँख से देखा भी नही………..
| Aug 30, 2014 | मस्त विचार
जो काम दुनिया को नामुमकिन लगे,
वही मौका होता है करतब दिखाने का.
| Aug 30, 2014 | मस्त विचार
यदि हम गुलाब की तरह खिलना चाहते हैं तो
हमें काँटों के साथ तालमेल की कला सीखनी होगी.
| Aug 30, 2014 | मस्त विचार
मैंने तुमको अपना जाना, अपने से भी ज्यादा माना.
पर इतना सब करने पर भी, तुमने क्या मुझको पहचाना.
तुम तो अब भी पहले जैसे, लगते हो वैसे के वैसे.
मै कितना मजबूर हुआ हूँ, अपनों से भी दूर हुआ हूँ.
| Aug 29, 2014 | मस्त विचार
किसी के साथ किसी प्रतियोगिता की कोई आवश्यकता नहीं है ; _ आप स्वयं हैं, और जैसे आप हैं, आप पूरी तरह से अच्छे हैं ; खुद को स्वीकार करें.

आप वो बन जाते हैं जो आपको लगता है कि आप हैं.