मस्त विचार 314
आज ख़ुदा ने फिर पूछा
तेरा हँसता चेहरा उदास क्यूँ है.
तेरी आँखों में प्यास क्यूँ है.
जिस के पास तेरे लिए वक़्त नहीं
वही तेरे लिए ख़ास क्यूँ है.
तेरा हँसता चेहरा उदास क्यूँ है.
तेरी आँखों में प्यास क्यूँ है.
जिस के पास तेरे लिए वक़्त नहीं
वही तेरे लिए ख़ास क्यूँ है.
जो हर मोड़ पे चलना जानता है.
कुछ पा कर तो हर कोई मुस्कुराता है.
ज़िन्दगी उसी की होती है,
जो सब खो कर भी मुस्कुराना जानता है.
ये मंजिल है काैन सी, न वाे समझ सके न हम.?
तुझको देखा तो छलके नयन हैं, ऐ यार है तुझको नमन है.
तू बुलाता रहे और मैं आता रहूँ.
ज़िन्दा हूँ सच बोल के भी ; देख के ख़ुद हैरान हूँ मैं
इतनी मुश्किल दुनिया में ; क्यूँ इतना आसान हूँ मैं
चेहरों के इस जंगल में ; खोई हुई पहचान हूँ मैं
खूब हूँ वाकिफ़ दुनिया से ; बस खुद से अनजान हूँ मैं