मस्त विचार 308
रह कर दूर तुझ से बेक़रार रहते हैं,
हालात मेरे मुझे लाचार करते हैं,
आँखें मेरी पढ़ लो कभी,
मै खुद कैसे कहूँ कि,
तुम मुझे याद बहोत आते हो.
हालात मेरे मुझे लाचार करते हैं,
आँखें मेरी पढ़ लो कभी,
मै खुद कैसे कहूँ कि,
तुम मुझे याद बहोत आते हो.
आज तो उसको महफ़िल में बुला लो यारों.
मेरे मोबाइल पर उसका मैसेज तो पढ़ो यारों.
जिसमे आने का वादा किया था उसने.
किसी ने मुझको भुलाया, किसी ने याद किया…..
उन रिश्तों को थामे रखना, जिनके बिना गुजारा नहीं.
क्या है वाकिफ भी तू उसकी हकीकत से.