मस्त विचार 249
थाम लेना मेरा हाथ, कभी पीछे जो छूट जाऊँ.
मना लेना मुझे, जो तुम से कभी रूठ जाऊँ.
मना लेना मुझे, जो तुम से कभी रूठ जाऊँ.
अब हमें रास्ता बदलना है, हमको अपना पता बदलना है.
परिन्दों के लिए शहरों में पानी कौन रखता है.
तुझ संग गुजरा हर लमहा याद आने लगा,
जब भी तुझे भूलाने की कोशिश की,
तू तो और भी करीब लगने लगा.
हँसता हुआ चेहरा तो ज़माने के लिए है.
वो शख़्श पास रह के भी, समझा नहीं मुझे……….