मस्त विचार 228

कहते हैं गम की गलियों से, होकर मिलते हैं सुख के रास्ते.

इसलिए जरा धीरज रख ले, शायद फिर अपनी सुबह मिले.

हाँ सच है कि गम से बचना है, पर इसका हमसे कहना है.

मैं तुम्हे सिखाने आया हूँ, फौलाद बनाने आया हूँ.

मुझ से इतना घबराओगे, तो ख़ुशी कहाँ से पाओगे. 

मस्त विचार 227

अगर आप जाग रहे हो, तो सोतों को जगाओ.

क्योंकि जगाने का वक़्त आ गया है,

अतः अपनी तरह औरों को भी जगाओ.

मस्त विचार 226

कोई वादा ना कर, कोई इरादा ना कर;

ख्वाहिशों में खुद को आधा ना कर;

ये देगी उतना ही जितना लिख दिया

खुदा ने;

इस तकदीर से उम्मीद ज़्यादा ना कर.

मस्त विचार 224

आप जब लोगों को अपने दुखड़े सुनाते हैं तो उनमें से आधे तो आप की बात को अनसुनी कर देते हैं,

बाकी आधे सुन कर मन ही मन कहते हैं, अच्छा हुआ, इस के साथ ऐसा ही होना चाहिए.

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