मस्त विचार 237
शब्द पहचान बनें मेरी तो बेहतर है.
चेहरा का क्या है, वो तो मेरे साथ ही चला जाएगा एक दिन…
चेहरा का क्या है, वो तो मेरे साथ ही चला जाएगा एक दिन…
जीत भी जाता हूँ कभी मैं हार जाने के लिए,
ये जिंदगी ही है ऐसी जिसका कुछ पता नहीं,
दूर जाता हूँ कभी मैं पास आने के लिए,
समझते जो मुझे दुश्मन ये उनकी ही है समझ
मैं तो खड़ा हूँ हर घड़ी सिर झुकाने के लिए,
गीत गाता हूँ तुम्हे पाने के लिए.
जरा सा अपने लिए क्या सोचा , जमाना दुश्मन बन गया.
हालांकि तुझे आँख से देखा भी नही………..
वही मौका होता है करतब दिखाने का.
हमें काँटों के साथ तालमेल की कला सीखनी होगी.