मस्त विचार 237

शब्द पहचान बनें मेरी तो बेहतर है.

चेहरा का क्या है, वो तो मेरे साथ ही चला जाएगा एक दिन…

मस्त विचार 236

गीत गाता हूँ तुम्हे पाने के लिए,

जीत भी जाता हूँ कभी मैं हार जाने के लिए,

ये जिंदगी ही है ऐसी जिसका कुछ पता नहीं,

दूर जाता हूँ कभी मैं पास आने के लिए,

समझते जो मुझे दुश्मन ये उनकी ही है समझ

मैं तो खड़ा हूँ हर घड़ी सिर झुकाने के लिए,

गीत गाता हूँ तुम्हे पाने के लिए.

मस्त विचार 235

औरों के लिए जीते थे तो किसी को शिकायत ना थी ,

जरा सा अपने लिए क्या सोचा , जमाना दुश्मन बन गया.

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