मस्त विचार 211

बिना पढ़े ही ज़िन्दगी के पृष्ठ मत मोड़.

कर्म पथ को रह पूजता, बीच में मत छोड़.

कर कोशिश सपनों को परवान चढाने की.

खुद ही खुद को यूँ मझधार में मत छोड़.

मस्त विचार 210

डर मुझे भी लगा फासला देख कर.

पर मैं बढ़ता गया रास्ता देख कर.

खुद ब खुद मेरे नजदीक आती गई.

मेरी मन्जिल मेरा हौसला देख कर.

मस्त विचार 207

मौत को तो मैंने कभी देखा नहीं, पर यक़ीनन वो बहुत खूबसूरत होगी.

कमबख्त जो भी उस से मिलता है, ज़िन्दगी जीना ही छोड़ देता है.

मस्त विचार 206

शब्दकोश में असंख्य शब्द होते हुए भी मौन होना सब से बेहतर है.

दुनिया में हजारों रंग होते हुए भी काला और सफेद रंग सब से बेहतर है.

खाने के लिए दुनिया भर की चीजें होते हुए भी उपवास शरीर के लिए सबसे बेहतर है.

पर्यटन के लिए रमणीक स्थल होते हुए भी पेड़ के नीचे ध्यान लगाना सबसे बेहतर है.

देखने के लिए इतना कुछ होते हुए भी बंद आँखों से भीतर देखना सबसे बेहतर है.

सलाह देने वाले लोगों के होते हुए भी अपनी आत्मा की आवाज सुनना सबसे बेहतर है.

जीवन में हजारों प्रलोभन होते हुए भी सिद्धांतों पर जीना सबसे बेहतर है.

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