मस्त विचार 220
एै जिंदगी मेरे यार के चेहरे पर हँसी ला दे,
मैं तुझे मेरी जिंदगी के कुछ रंग दे दूंगा.
मैं तुझे मेरी जिंदगी के कुछ रंग दे दूंगा.
कोशिश तो बहुत की तुझे भुलाने की ,
पर चाह कर भी यार तुझे भुला न सके.
आप को भूल कर रह पाउंगा कैसे,
आप तो मेरी सांसो में बसे हो,
चाह कर भी सांस रोक पाउंगा कैसे.
सुबह होते ही लोग चिरागों को बुझा देते हैं.
अपने घर के लोगों में , बग़ावत हो गई.
वैसे संभालना हम भी जानते थे;
ठोकर भी लगी तो उसी पत्थर से;
जिसे हम अपना मानते थे.