मस्त विचार 193
परिंदों को मिलेगी मंज़िल यक़ीनन,
ये फैले हुए उनके पर बोलते हैं;
वो लोग रहते हैं खामोश अक्सर,
ज़माने में जिनके हुनर बोलते हैं.
ये फैले हुए उनके पर बोलते हैं;
वो लोग रहते हैं खामोश अक्सर,
ज़माने में जिनके हुनर बोलते हैं.
खुशियों में भी तुम शरीक होते हो.
वे तो बड़े खुश नसीब हैं होते.
जिनके आप जैसे यार हैं होते.
देख तू अपनी नजर से.
अपने में भी मुझे तू ही नजर आता है.
जहाँ मैं देखूँ तू ही नजर आता है.
…………जो गिरते रहे और संभलते रहे.
जीवन में कौन बना रहेगा, यह आपका व्यवहार तय करेगा.
बस नजर अन्दाज करते है… उसे…
उसी की तरह..!!