मस्त विचार 193

परिंदों को मिलेगी मंज़िल यक़ीनन,

ये फैले हुए उनके पर बोलते हैं;

वो लोग रहते हैं खामोश अक्सर,

ज़माने में जिनके हुनर बोलते हैं.

मस्त विचार 192

दूर हो के भी करीब होते हो.

खुशियों में भी तुम शरीक होते हो.

वे तो बड़े खुश नसीब हैं होते.

जिनके आप जैसे यार हैं होते.

मस्त विचार 191

जहाँ मैं देखूँ तू ही नजर आता है.

देख तू अपनी नजर से.

अपने में भी मुझे तू ही नजर आता है.

जहाँ मैं देखूँ तू ही नजर आता है.

मस्त विचार 189

जीवन में आपसे कौन मिलेगा, समय तय करता है.

जीवन में कौन बना रहेगा, यह आपका व्यवहार तय करेगा.

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