मस्त विचार 226
कोई वादा ना कर, कोई इरादा ना कर;
ख्वाहिशों में खुद को आधा ना कर;
ये देगी उतना ही जितना लिख दिया
खुदा ने;
इस तकदीर से उम्मीद ज़्यादा ना कर.
ख्वाहिशों में खुद को आधा ना कर;
ये देगी उतना ही जितना लिख दिया
खुदा ने;
इस तकदीर से उम्मीद ज़्यादा ना कर.
लेकिन उस के पास न जाना और भी अच्छा.
बाकी आधे सुन कर मन ही मन कहते हैं, अच्छा हुआ, इस के साथ ऐसा ही होना चाहिए.
कोई भीतर से खोखला हो सकता है.
_ हम अपने दम पर बहुत कुछ करना जानते हैं..
तुम नहीं जानते कि तुम कहाँ फिट होते हो.
पर सदा याद रखो कि मेरी ज़िन्दगी
…..तुम्हारे बिना पूरी नहीं है.