मस्त विचार 205
आओ मेरे साथ हाथ बढ़ाओ.
ज्ञान का दीपक तुम भी जलाओ.
चमकेगी दुनिया चमकेगा तू भी.
रोशन होगा सारा जहान.
ज्ञान का दीपक तुम भी जलाओ.
चमकेगी दुनिया चमकेगा तू भी.
रोशन होगा सारा जहान.
हँसते को रुला जाती है ज़िन्दगी.
जी सको उतना जी लो.
क्योंकि बहुत कुछ बाकी रह जाता है,
और ख़त्म हो जाती है ज़िन्दगी.
और मेरी निग़ाहें हैं, सूरज के ठिकानों तक.
मुझे लोगों की तरह बदल जाना नहीं आता……!
एक साथ खुलते- बंद होते हैं,
एक साथ रोते हैं, और एक साथ ही सोते हैं.
वो भी जीवन भर एक दूसरे को देखे बगैर …………!
निकलते ही “रिश्तों” का वजन कम कर देते हैं..