मस्त विचार 226

कोई वादा ना कर, कोई इरादा ना कर;

ख्वाहिशों में खुद को आधा ना कर;

ये देगी उतना ही जितना लिख दिया

खुदा ने;

इस तकदीर से उम्मीद ज़्यादा ना कर.

मस्त विचार 224

आप जब लोगों को अपने दुखड़े सुनाते हैं तो उनमें से आधे तो आप की बात को अनसुनी कर देते हैं,

बाकी आधे सुन कर मन ही मन कहते हैं, अच्छा हुआ, इस के साथ ऐसा ही होना चाहिए.

मस्त विचार 221

तुम मेरी ज़िन्दगी का हिस्सा हो.

तुम नहीं जानते कि तुम कहाँ फिट होते हो.

पर सदा याद रखो कि मेरी ज़िन्दगी

…..तुम्हारे बिना पूरी नहीं है. 

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