मस्त विचार 208
और सजा लो कुछ नयी सदभावनाएँ.
और सजा लो कुछ नयी सदभावनाएँ.
कमबख्त जो भी उस से मिलता है, ज़िन्दगी जीना ही छोड़ देता है.
दुनिया में हजारों रंग होते हुए भी काला और सफेद रंग सब से बेहतर है.
खाने के लिए दुनिया भर की चीजें होते हुए भी उपवास शरीर के लिए सबसे बेहतर है.
पर्यटन के लिए रमणीक स्थल होते हुए भी पेड़ के नीचे ध्यान लगाना सबसे बेहतर है.
देखने के लिए इतना कुछ होते हुए भी बंद आँखों से भीतर देखना सबसे बेहतर है.
सलाह देने वाले लोगों के होते हुए भी अपनी आत्मा की आवाज सुनना सबसे बेहतर है.
जीवन में हजारों प्रलोभन होते हुए भी सिद्धांतों पर जीना सबसे बेहतर है.
ज्ञान का दीपक तुम भी जलाओ.
चमकेगी दुनिया चमकेगा तू भी.
रोशन होगा सारा जहान.
हँसते को रुला जाती है ज़िन्दगी.
जी सको उतना जी लो.
क्योंकि बहुत कुछ बाकी रह जाता है,
और ख़त्म हो जाती है ज़िन्दगी.
और मेरी निग़ाहें हैं, सूरज के ठिकानों तक.