मस्त विचार 196
आप का कालीन देखेंगे किसी और दिन……..
…………इस समय तो पाँव कीचड़ में सने हैं.
…………इस समय तो पाँव कीचड़ में सने हैं.
मरने के बाद तो लोग तो सिर्फ तारीफ करते हैं.
बहुत कुछ खो चुका हूँ,
अब कुछ भी खोने की ताकत नहीं मुझमे.
या रब, मेरे यार को मेरा ही रहने दे.
ये फैले हुए उनके पर बोलते हैं;
वो लोग रहते हैं खामोश अक्सर,
ज़माने में जिनके हुनर बोलते हैं.
खुशियों में भी तुम शरीक होते हो.
वे तो बड़े खुश नसीब हैं होते.
जिनके आप जैसे यार हैं होते.
देख तू अपनी नजर से.
अपने में भी मुझे तू ही नजर आता है.
जहाँ मैं देखूँ तू ही नजर आता है.