मस्त विचार 248

नफरतों का लिखा बदलना है, हमको आवो- हवा बदलना है.

अब हमें रास्ता बदलना है, हमको अपना पता बदलना है.

मस्त विचार 246

तुझ से दूरी का एहसास सताने लगा,

तुझ संग गुजरा हर लमहा याद आने लगा,

जब भी तुझे भूलाने की कोशिश की,

तू तो और भी करीब लगने लगा.

मस्त विचार 243

 सभी के चेहरे में वो बात नहीं होती,

थोड़े से अँधेरे से रात नहीं होती,

जिंदगी में कुछ लोग बहुत प्यारे होते हैं,

क्या करें उन्ही से हमारी ‘मुलाकात’ नहीं होती.

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