मस्त विचार 248
नफरतों का लिखा बदलना है, हमको आवो- हवा बदलना है.
अब हमें रास्ता बदलना है, हमको अपना पता बदलना है.
अब हमें रास्ता बदलना है, हमको अपना पता बदलना है.
परिन्दों के लिए शहरों में पानी कौन रखता है.
तुझ संग गुजरा हर लमहा याद आने लगा,
जब भी तुझे भूलाने की कोशिश की,
तू तो और भी करीब लगने लगा.
हँसता हुआ चेहरा तो ज़माने के लिए है.
वो शख़्श पास रह के भी, समझा नहीं मुझे……….
थोड़े से अँधेरे से रात नहीं होती,
जिंदगी में कुछ लोग बहुत प्यारे होते हैं,
क्या करें उन्ही से हमारी ‘मुलाकात’ नहीं होती.