मस्त विचार 163
छेनी की चोटों से जितना , रेशा – रेशा दुखता है .
ऊँचा उठने की कीमत तो , जख्मी मीनारों से पूछ .
ऊँचा उठने की कीमत तो , जख्मी मीनारों से पूछ .
आदमी वो है जो सोच से दीखता है.
_ व्यक्तित्व निखर जाएगा _ धैर्य से सामना करें.
_ जो हार कर सीख जाते हैं..
अगर यह हक़ इन्सान को दिया होता तो क्या होता.