मस्त विचार 172

 अब मुझे पैसे से लिए हुए सामान से ख़ुशी नहीं मिलती,

क्योंकि वो मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं है.

अब मुझे कोई भी वो काम सुख देता है,

जिसे करके मै किसी के लिए उपयोगी हो सकूँ.

मस्त विचार 169

  जिन्दगी की हर सुबह कुछ शर्ते लेके आती है.

 
और जिन्दगी की हर शाम कुछ तर्जुबे देके जाती है.

 

मस्त विचार 168

इन्सान ने वक़्त से पूछा……..

मैं हार क्यूँ जाता हूँ ?

वक़्त ने कहा….

धूप हो या छाँव हो,

काली रात हो या बरसात हो,

चाहे कितने भी बुरे हालात हों,

मैं हर वक़्त चलता रहता हूँ,

इसलिए मैं जीत जाता हूँ,

तू भी मेरे साथ चल,

कभी नहीं हारेगा……… ”

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