मस्त विचार 172
अब मुझे पैसे से लिए हुए सामान से ख़ुशी नहीं मिलती,
क्योंकि वो मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं है.
अब मुझे कोई भी वो काम सुख देता है,
जिसे करके मै किसी के लिए उपयोगी हो सकूँ.
क्योंकि वो मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं है.
अब मुझे कोई भी वो काम सुख देता है,
जिसे करके मै किसी के लिए उपयोगी हो सकूँ.
जीवन का तो सार है, कुछ पाना- कुछ खोना.
तेरे सपने आने लगे हैं अब इन आँखों में.
मैं हार क्यूँ जाता हूँ ?
वक़्त ने कहा….
धूप हो या छाँव हो,
काली रात हो या बरसात हो,
चाहे कितने भी बुरे हालात हों,
मैं हर वक़्त चलता रहता हूँ,
इसलिए मैं जीत जाता हूँ,
तू भी मेरे साथ चल,
कभी नहीं हारेगा……… ”
ध्यान नहीं देता हूँ, बेकार कि अफवाहों में.