मस्त विचार 130

रिश्ता बनाना इतना आसन है ..

जैसे मिट्टी पे मिट्टी से मिट्टी लिखना

और निभाना इतना मुश्किल ..

जैसे पानी पे पानी से पानी लिखना 

मस्त विचार 128

मै पागल तो हूँ ही, लेकिन इसी पागलपन से गीत उठेंगे.

यही पागलपन मेरे मन की वीणा पर, संगीत बन कर नाचेगा.

मस्त विचार 126

मै तो साधारण इन्सान था, तूने इस लोहे को सोना ही नहीं बनाया.

तू ने तो अपनी पारसमणि से छूकर पारस ही बना दिया.

error: Content is protected