मस्त विचार 195
निन्दा तो उसकी होती है जो ज़िन्दा है ………
मरने के बाद तो लोग तो सिर्फ तारीफ करते हैं.
मरने के बाद तो लोग तो सिर्फ तारीफ करते हैं.
बहुत कुछ खो चुका हूँ,
अब कुछ भी खोने की ताकत नहीं मुझमे.
या रब, मेरे यार को मेरा ही रहने दे.
ये फैले हुए उनके पर बोलते हैं;
वो लोग रहते हैं खामोश अक्सर,
ज़माने में जिनके हुनर बोलते हैं.
खुशियों में भी तुम शरीक होते हो.
वे तो बड़े खुश नसीब हैं होते.
जिनके आप जैसे यार हैं होते.
देख तू अपनी नजर से.
अपने में भी मुझे तू ही नजर आता है.
जहाँ मैं देखूँ तू ही नजर आता है.
…………जो गिरते रहे और संभलते रहे.