मस्त विचार 102
ख़ुशी में रो पड़ोगे और ग़मों में मुस्कुराओगे.
मस्त विचार 101
या तो डायरियों में दर्ज़ है _ या चुप्पियों में कैद …!
मस्त विचार – एक जाम ख़ुदा ने दोस्ती का पिला दिया – 100
बीत रहा हर लम्हा आपकी दोस्ती के साये में, कुछ इस तरह कायल आपने दोस्ती का बना लिया.
इन लकीरों में आपका नाम छुपा था, मेरी तक़दीर में अनजाने दोस्त का पैगाम भी छुपा था.
बरसी इनायत इस कदर ख़ुदा कि मुझ पर, कि फूल-सा दोस्त मेरे भी आंगन में खिला दिया.
आपकी दोस्ती से मुझे एक जूनून मिला है, गिरती ठोकरों में उठाते हाथ का सकून मिला है.
डूब जाती है हर उठती लहर इस दोस्ती कि गहराई में, मेरी कश्ती जो तैरा दे, ऐसा दोस्त दिया है.
अँधेरे में आपने एक दीप जलाया है, कुछ टूटे सपनो को, फिर इन आँखों में सजाया है.
रोशन है हर राह मेरी आपके नूर से, कि हर राह को रोशन करता चाँद, फलक पर बैठा दिया.
अरज है मेरी आपसे दूर न होना, मेरी किसी ख़ता से रूठ मत जाना.
आपकी दूरी से कहीं बिखर न जांऊ मै, कुछ ऐसा कायल आपने अपनी दोस्ती का बना लिया.
कि एक जाम ख़ुदा ने दोस्ती का पिला दिया.
मस्त विचार 099
मन में छिपा एक आसमान है,
जो इस जमीं से दोगुना है,
रोशन कर दूंगा इस दुनिया को,
बस एक मौका पाना है,
बाँध ली है गाँठ मन में,
जो अन्दर है उसे बाहर लाना है.
मस्त विचार 098
जज्बा रखो जीतने का,
क्यूंकि किस्मत बदले न बदले पर वक़्त जरूर बदलता है.



