मस्त विचार 098

रात नहीं ख्वाब बदलता है, मंजिल नहीं कारवां बदलता है.

जज्बा रखो जीतने का,

क्यूंकि किस्मत बदले न बदले पर वक़्त जरूर बदलता है.

मस्त विचार 096

तुम हर जगह अपना रास्ता बना लेते हो,

और जहाँ से गुजरते हो,

उस जगह जिन्दगी के क़दमों के निशान छोड़ जाते हो.

मस्त विचार 095

काँटों से भी मुझको प्यार है, काँटे ही फूलों के पहरेदार है.

चलो छोड़ो फूलों को, काँटों से महक जाओ.

मस्त विचार 093

मैंने आज दीवारों को रंगा है,

इस उम्मीद से कि ये नये रंग,

कुछ मेरी जिन्दगी भी बदल देंगे,

कुछ खुशियां जीवन में भर देंगे,

इस बार इन नये रंगो से खेलूँगा,

अँधेरों को छोड़कर उजालों से मिलूंगा.

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