मस्त विचार 092

अजब अन्दाज की ये ज़िन्दगी महसूस होती है,

भली मालुम होती है बुरी महसूस होती है,

जो हाजिर है कभी उन पर तबज्जो ही नहीं जाती,

नहीं जो सामने उसकी कमी महसूस होती है. 

मस्त विचार 090

मजबूर ये हालात इधर भी हैं, उधर भी.

कुछ मुश्किलें इधर भी हैं, उधर भी.

कहने को बहुत कुछ है, मगर किसे कहें हम.

कब तक यों ही खामोश रहें और सहें हम.

मन करता है दुनिया कि हर रस्म उठा दें.

दीवार जो दोनों तरफ है, आज गिरां दे.

पर कुछ मजबूर हालात इधर भी है, उधर भी.

मस्त विचार 089

पहले मैं होशियार था, इसलिए दुनिया बदलने चला था,

आज मैं समझदार हूँ, इसलिए खुद को बदल रहा हूँ.

मस्त विचार 087

वो याद नहीं करते , हम भुला नहीं सकते .

वो हँसा नहीं सकते , हम रुला नहीं सकते .

साथ इतना खूबसूरत है हमारा .

वो बता नहीं सकते , और हम जत्ता नहीं सकते .

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