मस्त विचार 171
जब देखो रोते रहे, अपने दुःख का रोना.
जीवन का तो सार है, कुछ पाना- कुछ खोना.
जीवन का तो सार है, कुछ पाना- कुछ खोना.
तेरे सपने आने लगे हैं अब इन आँखों में.
मैं हार क्यूँ जाता हूँ ?
वक़्त ने कहा….
धूप हो या छाँव हो,
काली रात हो या बरसात हो,
चाहे कितने भी बुरे हालात हों,
मैं हर वक़्त चलता रहता हूँ,
इसलिए मैं जीत जाता हूँ,
तू भी मेरे साथ चल,
कभी नहीं हारेगा……… ”
ध्यान नहीं देता हूँ, बेकार कि अफवाहों में.
इससे पहले कि समय आपको बदल दे, खुद बदल जाओ .