मस्त विचार 106
ऐ यार, मैंने भी अपना यार देखा है.
तुम्हे दूर से, उसे पास से देखा है.
तू दीखता नहीं, उसे आँखों से देखा है.
फर्क सिर्फ इतना है तुझमे और उसमे.
उसे आँखों से और तुझे दिल से देखा है.
तुम्हे दूर से, उसे पास से देखा है.
तू दीखता नहीं, उसे आँखों से देखा है.
फर्क सिर्फ इतना है तुझमे और उसमे.
उसे आँखों से और तुझे दिल से देखा है.
असल में उनसे ही रिश्ते गहरे होते है.
पहचानने लगा हूँ, तुम्हारी नजर को मैं.
ख़ुशी में रो पड़ोगे और ग़मों में मुस्कुराओगे.
या तो डायरियों में दर्ज़ है _ या चुप्पियों में कैद …!