मस्त विचार 4685
दिल मेरा हर घड़ी, हँस हँस के जलाने वाले,
देख तुझ पर ना कहीं… वक्त बुरा आ जाये.
देख तुझ पर ना कहीं… वक्त बुरा आ जाये.
जिसमें खिले हैं फूल, वो डाली हरी रहे.
” जिन्दगी ” के ” समंदर ” में हमेशा ” तुफान ” नहीं रहते…!!
तो कुछ पल सुकूँ से जी लेते हम भी…
ज़िंदगी भर ये तकरार किसके लिए।
जो भी आया है वो जायेगा एक दिन,
फिर ये इतना अहंकार किसके लिए॥
हद से ज्यादा समझदारी ,,,,, जीवन को नीरस कर देती है.