| Jul 10, 2014 | मस्त विचार
क्यों जिन्दगी की राह में मजबूर हो गए,
इतने हुए करीब के हम दूर हो गए,
ऐसा नहीं के हम को कोई भी खुशी नहीं,
लेकिन ये जिन्दगी तो कोई जिन्दगी नहीं,
क्यों इसके फैसले हमे मंजूर हो गए,
पाया तुम्हे तो हम को लगा तुम को खो दिया,
हम दिल पे रोये और ये दिल हम पे रो दिया,
पलकों से ख्वाब क्यों गिरे क्यों चूर हो गए.
| Jul 10, 2014 | मस्त विचार
कभी हंस लिया तेरे बिना, कभी रो लिया तेरे बिना.
कभी जग लिया तेरे बिना, कभी सो लिया तेरे बिना.
भरी दुनिया में अकेला हूँ तेरे बिना.
कभी हंस लिया तेरे बिना, कभी रो लिया तेरे बिना.
| Jul 10, 2014 | मस्त विचार
ऐ यार, अब तो फासले मिटा दे,
नामुमकिन को मुमकिन बना दे,
तुम से ही एक रिश्ता है यारी का,
इन्तजार की घड़ियां मिटा दे.
| Jul 10, 2014 | मस्त विचार
दो दिन की जिंदगी है, इसे उसूलों से जीओ
रहो तो फूलों की तरह और बिखरो तो खुशबू की तरह.
| Jul 10, 2014 | मस्त विचार
फूल बन कर क्या जीना.
एक दिन मुरझा जाओगे, और दफ़ना दिए जाओगे.
जीना है तो पत्थर बन के जीओ.
कभी तराशे गए तो, हीरा कहलाओगे.
| Jul 10, 2014 | मस्त विचार
मुझे मालूम है तुम्हे पता है
मुझे अब अच्छा लगने लगा है
अपने ही भीतर खो जाना
क्योंकि वहाँ तुम चले आते हो हर बार.