मस्त विचार 4202
बिन खिलौने के अपना बचपन गुज़ार आए हैं,
हम अपने मन को बहुत पहले ही मार आए हैं..
हम अपने मन को बहुत पहले ही मार आए हैं..
मरने वालों का तो सब पूछते है वो मरा कैसे…
मैं तो इस आस पे ज़िन्दा हूँ कि मरना कब है….!!
आज में जीना सीख लो, क्योंकि कल कभी नहीं आएगा !
_ आपने जवाब नही दिया.. मतलब आपने उसका उगला हुआ विष ग्रहण ही नही किया.
नसीब से मिलते हैं ….. क़दर कीजिये,,