सुविचार 429

गुस्से को शरबत के घूंट की तरह पी जाओ क्योंकि जहां तक उस के अंत का संबंध है, इस से अच्छी और आनंददायक कोई वस्तु नहीं.

सुविचार 428

इस युग में पढ़ना तो सबको आ गया, लेकिन क्या पढ़ना चाहिए, यह सबको नहीं आया.

मस्त विचार 405

हमारा हर विचार, हमारे शरीर के प्रत्येक सेल पर असर डालता है. अच्छा सोचेंगे, तो स्वस्थ रहेंगे और बुरा सोचेंगे, तो अपनी तबियत बिगाड़ लेंगे.

मस्त विचार 404

खोकर पाने का……..मज़ा ही कुछ और है,

रो कर मुस्कराने का……मज़ा ही कुछ और है,

हार तो ज़िन्दगी का हिस्सा है यारों,

हार के बाद जीतने का…..मज़ा ही कुछ और है.

मस्त विचार 402

जीवन के हर एक दिन और हर एक पल को पूरी तरह जीने की कोशिश करें, कोई भी दिन बिना कोई ठोस काम किए नहीं बिताना चाहिए.

सुविचार 427

यदि आप किसी चीज के बारे में सोचने में बहुत अधिक समय लगाते हैं, तो आप उसे कभी कर नहीं पायेंगे.

सुविचार 426

खोज का रहस्य है वह देखना, जिसे सब ने देखा है और वह सोचना, जो किसी ने भी नहीं सोचा.

मस्त विचार 401

जीवन एक ऎसी अनूठी पुस्तक है, जो अंत तक मनुष्य का साथ देती है. परन्तु इस के कठिन पृष्ठों को समझने के लिए बुद्धि की आवश्यकता है.

मस्त विचार 400

” दोस्तों को समर्पित “

ये मस्त उम्र फिर नहीं आएगी,

जब शनै- शनै उम्र बढ़ जाएगी,

इत्र की जगह आयोडेक्स की खुशबू आएगी,

कहता हूँ अब भी मिल लिया करो,

ये घड़ियां पलटकर नहीं आएंगी,

अभी तो आंखों में नूर है बाकी,

फिर खूबसूरती नज़र नहीं आएगी,

अभी तो यार हैं चलते अपने साथ,

फिर केवल छड़ी ही नजर आएगी,

सुन लो आवाज दोस्तों की,

फिर कानों में मशीन नज़र आएगी,

हंस लो खिलखिला कर आज,

फिर नकली बत्तीसी ही झलक दिखाएगी,

जब दोस्त बुलाएं, चले जाओ,

फिर डाक्टरों से फुर्सत न मिल पाएगी,

समझ जाओ यारों, समझ जाओ,

ये मस्त उम्र फिर नहीं आएगी..

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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