मस्त विचार 546

मुझमे खामीया बहुत सी होगी,

मगर एक खूबी भी है…”मैं किसी से रिश्ता मतलब के लिए नही रखता.”

अब लोग इतने हल्के हो गए हैं कि एक खामी हज़ार खूबियों पर भारी पड़ जाएगी !!

सुविचार 595

जीवन का सौन्दर्य मर्यादा के कारण है, अमर्यादित जीवन सौन्दर्यहीन हो जाता है.

मस्त विचार 545

जिंदगी है छोटी, हर पल में खुश हूँ,

काम में खुश हूं, आराम में खुश हूँ,

आज पनीर नहीं, दाल में ही खुश हूँ,

आज गाड़ी नहीं, पैदल ही खुश हूँ,

दोस्तों का साथ नहीं, अकेला ही खुश हूँ,

आज कोई नाराज है, उसके इस अंदाज से ही खुश हूँ,

जिस को देख नहीं सकता, उसकी आवाज से ही खुश हूँ,

जिसको पा नहीं सकता, उसको सोच कर ही खुश हूँ,

बीता हुआ कल जा चुका है, उसकी मीठी याद में ही खुश हूँ,

आने वाले कल का पता नहीं, इंतजार में ही खुश हूँ,

हंसता हुआ बीत रहा है पल, आज में ही खुश हूँ,

जिंदगी है छोटी, हर पल में खुश हूँ.

सुविचार 594

मैं तो वक़्त से हार कर सर झुकाये खड़ा था,

_ सामने खड़े लोग खुद को बादशाह समझने लगे..

सुविचार 593

अपनी निर्णयात्मक शक्ति को मजबूत बनाने का एक ही तरीका है — उस से अधिक से अधिक काम लेना.

सुविचार 591

वह काम करना ठीक है, जिसे कर के पछताना न पड़े और जिस के फल को प्रसन्न मन से भोग सकें.

सुविचार 589

 छण- छण का उपयोग सीखने के लिए और प्रत्येक छोटे से छोटे सिक्के का उपयोग उसे बचाकर रखने के लिए करना चाहिए.छण को नष्ट करके विद्याप्राप्ति नहीं की जा सकती और सिक्कोंं को नष्ट करके धन नहीं प्राप्त किया जा सकता.
error: Content is protected