मस्त विचार 495
हंसती- खेलती ज़िन्दगी आम हो जाती है,
एक सवेरा था जब हँस कर उठते थे हम,
आज बिना मुस्कुराये ही……………….
………………………….शाम हो जाती है.
हंसती- खेलती ज़िन्दगी आम हो जाती है,
एक सवेरा था जब हँस कर उठते थे हम,
आज बिना मुस्कुराये ही……………….
………………………….शाम हो जाती है.
अगर अनमोल हो गए तो, तन्हा हो जाओगे..!
गर हमारी ज़िंदगी मे आपका आना ना होता,
यूँ ही गुजार देते ज़िंदगी को
अगर आपको अपना प्यारा दोस्त माना ना होता.
जिसे वह खुद को निखारने में और जीवन में सफल होने के लिए कर सकता है.
हम आगे बढ़ कर उस का सामना करें.
“क्योंकि;” ”अच्छा दिन खुशियाँ लाता है”..!!!
“और बुरा दिन अनुभव;.”..!!!
“एक सफल जिंदगी के लिए दोनों जरूरी होती है”..!!