सुविचार 487
अगर लोग केवल जरुरत पर आपको याद करते हैं; तो बुरा मत मानिये बल्कि गर्व कीजिये, क्योंकि एक मोमबत्ती की याद तब आती है, जब अन्धकार होता है.
अब कोई वजह नही मिलती मुस्कुराने की..
फिर क्यों नहीं सब पे विश्वास होता हैं !!
इंसान चाहे कितनो भी आम हो….!
वो किसी न किसी के लिए जरुर खास होता हैं !!
जीने की मेरी ख्वाहिशें . कुछ और बढ़ गईं.
ये साफ़- सुथरी ज़िन्दगी, उस मिट्टी से भी ज्यादा गन्दी है.
कि वापिस भी लेने पड़ें तो खुद को कड़वे न लगें.
लोग “रूलाना” नहीं छोडते…और ज़िंदादिल “हंसना” नहीं छोडते…