सुविचार 408

जब आस- पास में समाज के, परिवार के हालात ख़राब होने लग जायँ, ऎसी स्थिति में ही तो आपको मन की धीरता को बना के रखना होता है. रब पर विश्वास और कर्म के सिद्धान्त के ऊपर निश्चय बनाए रखना है.

मस्त विचार 384

यूँ ना खींच अपनी तरफ मुझे बेबस कर के…..

ऐसा ना हो के खुद से भी बिछड़ जाऊं और तू भी ना मिले….

मस्त विचार 383

तुझे याद करना भी अब दिल का धड़कना सा बन गया है,

पता ही नहीं ज़िन्दगी साँसों से चल रही है या तेरी यादों से.

मस्त विचार 382

कहाँ-कहाँ से इकट्ठा करूँ, “ऐ ज़िंदगी” तुझको,

जिधर भी देखूँ,,,,,,”तू-ही-तू” बिखरी पड़ी है..

सुविचार 407

उत्तेजित दिमाग ऐसे तिनके के समान हो जाता है, जिसे हवा कहीं भी उड़ा कर ले जा सकती है.

मस्त विचार 380

जो इन्सान परिवर्तनों को ख़ुशी-ख़ुशी स्वीकार कर लेता है,

वह कई प्रकार के सुखों को अपने साथ जोड़ लेता है.

सुविचार 406

इन्सान में आन्तरिक शक्ति सहज जीत पर नहीं आती है, बल्कि उसके संघर्ष ही उसकी ताकत का विकाश करते हैं.
error: Content is protected