मस्त विचार 389
किसी भी रूप में यदि आप दिखावे का जीवन बीता रहे हैं,
तो यह स्वयं आप के लिए हानिकारक है.
तो यह स्वयं आप के लिए हानिकारक है.
खुदा की कसम ये चाहने वाले बडी मुश्किल से मिलते हैं …
फिर भी न जाने क्यों मैं उस राह ही चलता रहा !
सोचा बहुत इस बार रोशनी नहीं ..धुआं दूंगा,
लेकिन चिराग था…..फितरत से जलता रहा……जलता ही रहा….
और भविष्य को सुखद स्थिति में अनुभव करने लग जाएँ ,
उस स्थिति का नाम सफलता है .
दोस्ती और इबादत में बस नियत साफ़ रखना.
_ जीवन को मजे के रूप में लें – क्योंकि यही ठीक है !