सुविचार 440
पछतावा कायरता के लिए होता है वीरता के लिए नहीं, वीरता कभी नहीं पछताती.
हर किसी की ज़िंदगी में “काश” रह ही जाता हैं…!!
जो अंत समय तक आपका स्टैण्डर्ड बनाए रखे.
सुख- समृद्वि को बढ़ाने की चेष्टा अवश्य कीजिए,
किन्तु भविष्य को अन्धकारमय बनाने के मूल्य पर नहीं.
तुम ने मुझे हीरा बना दिया.
_ हवा का साथ छूटेगा, जमीन पर ही आएगी..
जो अपने आप को जानता है वह ज्ञानी है.
जो दूसरों को जानता है वह जानकार है.