मस्त विचार 440
वह खुद को कई विपत्तियों से बचाता है.
जो व्यक्ति अपनी जबान को वश में रखता है,
वह खुद को कई विपत्तियों से बचाता है.
जो व्यक्ति अपनी जबान को वश में रखता है,
तुझे देख कर कुछ और देखु,अब मेरे पास वो नजर नही.
ना आंसू बहाने को जी चाहता हैं,
लिखूँ तो क्या लिखूँ तेरी याद में
बस तेरे पास लौट आने को जी चाहता हैं.
देना उसे जो अलग हो सब से,
रब ने मिला दिया मुझे तुम से,
और कहा ” लो संभालो यह अनमोल है सब से “.
और खराब इंसान का कोई मजहब नहीं होता.
वही आपका भविष्य बना रहा है.
आज आप जो सोच रहे हैं, जैसा महसूस कर रहे हैं,