मस्त विचार 439

तेरा इश्क है मेरी बन्दगी, मुझे और कुछ अब खबर नही.

तुझे देख कर कुछ और देखु,अब मेरे पास वो नजर नही.

सुविचार 443

मानसिक रूप से मनुष्य के स्वस्थ न होने के कारण ही उसके मन- मस्तिष्क का सन्तुलन बिगड़ता है और उसकी विचार शक्ति नष्ट हो जाती है.

सुविचार 442

जीवन में जितनी रोशनी और सरल मार्गों की आवश्यकता है, उतनी ही आवश्यकता मुश्किलों और कठिनाईयों की भी है.

मस्त विचार 438

 ना मुस्कुराने को जी चाहता हैं,

ना आंसू बहाने को जी चाहता हैं,

लिखूँ तो क्या लिखूँ तेरी याद में

बस तेरे पास लौट आने को जी चाहता हैं.

मस्त विचार 436

मांगी थी दुआ रब से.

देना उसे जो अलग हो सब से,

रब ने मिला दिया मुझे तुम से,

और कहा ” लो संभालो यह अनमोल है सब से “.

सुविचार – कुछ प्रसिद्ध रूसी लेखकों के उद्धरण – 441

यहाँ कुछ प्रसिद्ध रूसी लेखकों के उद्धरण हैं :

– “यदि तुम मेरी परेशानियों का बोझ उठा लोगे… तो मैं वही व्यक्ति नहीं रह जाऊँगा।” — फ़्योदोर दोस्तोयेव्स्की (द ब्रदर्स करमाज़ोव)
– “जो लोग सामूहिक दुःख साझा करते हैं, वे अक्सर एक-दूसरे के प्रति उदासीन हो जाते हैं।” — एंतोन चेख़व (द सीगल)
– “स्मृति की त्रासदी यह है कि यह उन्हीं चीज़ों को याद रखती है, जिन्हें हम भूल जाना चाहते हैं।” — फ़्योदोर दोस्तोयेव्स्की (इन द डेप्थ्स ऑफ़ द सोल)
– “जब कोई तुम्हें धोखा देता है, तो तुम उसे माफ़ कर सकते हो, लेकिन फिर कभी उसे अपने करीब मत आने दो।” — लियो टॉल्स्टॉय (अन्ना कारेनिना)
– “एक व्यक्ति तब तक ठीक नहीं हो सकता जब तक वह अपने अतीत के पछतावे का सामना न करे।” — फ़्योदोर दोस्तोयेव्स्की (क्राइम एंड पनिशमेंट)
– “सर्दियाँ उन लोगों के लिए समान रूप से निर्दयी होती हैं, जिनके पास गर्म यादें नहीं हैं और उनके लिए भी, जो उन्हीं यादों में जीते हैं।” — फ़्योदोर दोस्तोयेव्स्की (द इटरनल हसबैंड)
– “प्रेम के सबसे सुंदर क्षण वे होते हैं, जो जुदाई से ठीक पहले आते हैं।” — फ़्योदोर दोस्तोयेव्स्की (नोट्स फ्रॉम अंडरग्राउंड)
– “मेरी जीतों को मत देखो, बल्कि उन हारों को देखो जिनसे मैंने जीवन सीखा।” — एंतोन चेख़व (द आइलैंड ऑफ़ सखालिन)
– “जो लोग खिड़की के पास बैठते हैं, वे रास्तों के बारे में कुछ नहीं जानते, वे बस सपनों में खो जाते हैं।” — मिख़ाइल लेर्मोंतोव (अ हीरो ऑफ़ अवर टाइम)
– “उस बूढ़े व्यक्ति से बुरा कोई नहीं, जो अपने सपनों को अपने बेटे के हवाले कर देता है और खुद मेहमान कक्ष में सोता है।” — फ़्योदोर दोस्तोयेव्स्की (द ब्रदर्स करमाज़ोव)
साभार कलम रंगदार
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