मस्त विचार 259

उन लोगों का क्या हुआ होगा,

जिनको मेरी तरह गम ने मारा होगा.

किनारे पर खड़े लोग क्या जाने,

डूबने वाले ने किस किस को पुकारा होगा.

मस्त विचार 258

खुशियां बटोरते बटोरते उमर गुजर गई पर खुश ना हो सके;

एक दिन एहसास हुआ…..

खुश तो वो लोग थे जो खुशियां बांट रहे थे.

मस्त विचार 257

एक अजीब सी दौड़ है यह जिंदगी…

जीत जाओ तो अपने पीछे छूट जाते है,

और हार जाओ तो अपने ही पीछा छोड़ देते है. 

सुविचार – तुझे क्या मिला ? – 245

तुझे क्या मिला ?

_ क्या तू सच में जीता.
_ अच्छा होता कि तू हार जाता.
_ तू तो जीत कर भी हारा ही है.
_ दुनिया में जो जीता वह भी हारा.
_ जो हारा वह तो हारा ही.
_ तूने क्या पाया ?
_ क्या करेगा इस जीत का.
_ किसको दिखायेगा, बताएगा.
_ खुशियाँ क्या मना पायेगा तू.
_ केवल बचा है तू और बना है सन्नाटे का बादसाह.
_ अपनी जीत के साथ अकेला खड़ा है.
_ तू जीता नहीं, हारा है.
_ तुझे क्या मिला ?

मस्त विचार 255

आज मन में मेरे उल्लास है.

आज फिजाओं ने छेड़ा राग है.

आज बहारों ने भी बरसाए फूल हैं.

आज तारों ने भी सजाया आसमान है.

आज मन की भी मीत से हुई बात है.

आज मेरे मन में उल्लास है.

सुविचार 244

जो आदमी यह समझता है कि हर बात तुरंत उस की समझ में आ जाती है, वह कुछ भी नहीं सीख सकता.

 

सुविचार – मैं चाहता ही नहीं कि हम कभी मिलें.. – 243

मैं चाहता ही नहीं कि हम कभी मिलें..

_ क्योंकि मुझे लगता है कि यह कसक, यह इंतज़ार यही तो हमारी पहचान है..
_ मुलाक़ात हो जाएगी तो शायद यह बेचैनी ख़त्म हो जाएगी, और मुझे डर है कि फिर दिल इतनी शिद्दत से तुम्हें पुकारना छोड़ देगा..
_ कुछ रिश्ते पूरे नहीं होते, फिर भी अधूरे रहकर ज़्यादा खूबसूरत लगते हैं..
_ शायद हमारा रिश्ता भी वैसा ही है..
_ जहाँ मिलने की ख्वाहिश से ज़्यादा ना मिलने की कसक, दिल में हमेशा ज़िंदा रहनी चाहिए…!

मस्त विचार 254

अब आपने पिला दिया वो जाम प्यार का.

जो अब छूटने से भी नहीं छूटेगा.

अब आपने दे दिया वो सहारा.

जो छूटने से भी नहीं छूटेगा.

अब आपने दे दिया है वो प्यार.

जिसके बिना अब हम अधूरे हैं.

मस्त विचार 253

ज़िन्दगी से प्यार करना तुम ने सिखाया,

ज़िन्दगी में खुश रहना तुम ने सिखाया,

ज़िन्दगी में मस्त रहना तुम ने सिखाया,

बस, तुम्हारे बिना कैसे जिऊँ, ये न सिखाया.

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