मस्त विचार 259
जिनको मेरी तरह गम ने मारा होगा.
किनारे पर खड़े लोग क्या जाने,
डूबने वाले ने किस किस को पुकारा होगा.
जिनको मेरी तरह गम ने मारा होगा.
किनारे पर खड़े लोग क्या जाने,
डूबने वाले ने किस किस को पुकारा होगा.
एक दिन एहसास हुआ…..
खुश तो वो लोग थे जो खुशियां बांट रहे थे.
जीत जाओ तो अपने पीछे छूट जाते है,
और हार जाओ तो अपने ही पीछा छोड़ देते है.
वो दुश्मन अच्छा है, जो खामियों पर नजर रखे.
आज फिजाओं ने छेड़ा राग है.
आज बहारों ने भी बरसाए फूल हैं.
आज तारों ने भी सजाया आसमान है.
आज मन की भी मीत से हुई बात है.
आज मेरे मन में उल्लास है.
जो अब छूटने से भी नहीं छूटेगा.
अब आपने दे दिया वो सहारा.
जो छूटने से भी नहीं छूटेगा.
अब आपने दे दिया है वो प्यार.
जिसके बिना अब हम अधूरे हैं.
ज़िन्दगी में खुश रहना तुम ने सिखाया,
ज़िन्दगी में मस्त रहना तुम ने सिखाया,
बस, तुम्हारे बिना कैसे जिऊँ, ये न सिखाया.