सुविचार 241
कोई व्यक्ति सिर्फ इसलिए प्रसन्न नहीं दिखाई देता कि उसे कोई परेशानी नहीं है, बल्कि इसलिए प्रसन्न रहता है कि उसका जीने का दृष्टिकोण सकारात्मक है.
कोई भीतर से खोखला हो सकता है.
_ हम अपने दम पर बहुत कुछ करना जानते हैं..
तुम नहीं जानते कि तुम कहाँ फिट होते हो.
पर सदा याद रखो कि मेरी ज़िन्दगी
…..तुम्हारे बिना पूरी नहीं है.
मैं तुझे मेरी जिंदगी के कुछ रंग दे दूंगा.
कोशिश तो बहुत की तुझे भुलाने की ,
पर चाह कर भी यार तुझे भुला न सके.
आप को भूल कर रह पाउंगा कैसे,
आप तो मेरी सांसो में बसे हो,
चाह कर भी सांस रोक पाउंगा कैसे.
सुबह होते ही लोग चिरागों को बुझा देते हैं.