मस्त विचार 349
किसी को पाने की यूँ इन्तहा कर दी मैंने……
किसी को पाने की यूँ इन्तहा कर दी मैंने……
अब मेरी शायरी में वो बात नहीं रही…!!
मेरे ख्यालो की दुनिया में मेरे पास हो तुम…..
मंजिल मिलती नही ,राह पर रूक जाने से ,
भरोसा रखना खुद पर और उस रब पर,
सब कुछ देता है,वो वकत आने पर ,
मुझे तो सिर्फ तेरा ख़याल रहता है…
मैं रोता नहीं हूँ,
जब आँसू मिलते हैं,
लगता है एहसान किया उसने.
घबराता हूँ,
जब आँसू नहीं निकलते,
लगता है कोई खता की मैंने.
आँसू दे कर एहसान किया है.
मैं रोता नहीं हूँ.
जब- जब यार की गली से गुजरना.
मेरे यार की खुशबू से महक, घर मेरे तू ले कर आना.
वरना हमतो उनमे से हैं …..
जो दुश्मनों को भी अकेला महसूस नहीं होने देते … ।”