मस्त विचार 206

शब्दकोश में असंख्य शब्द होते हुए भी मौन होना सब से बेहतर है.

दुनिया में हजारों रंग होते हुए भी काला और सफेद रंग सब से बेहतर है.

खाने के लिए दुनिया भर की चीजें होते हुए भी उपवास शरीर के लिए सबसे बेहतर है.

पर्यटन के लिए रमणीक स्थल होते हुए भी पेड़ के नीचे ध्यान लगाना सबसे बेहतर है.

देखने के लिए इतना कुछ होते हुए भी बंद आँखों से भीतर देखना सबसे बेहतर है.

सलाह देने वाले लोगों के होते हुए भी अपनी आत्मा की आवाज सुनना सबसे बेहतर है.

जीवन में हजारों प्रलोभन होते हुए भी सिद्धांतों पर जीना सबसे बेहतर है.

मस्त विचार 205

आओ मेरे साथ हाथ बढ़ाओ.

ज्ञान का दीपक तुम भी जलाओ.

चमकेगी दुनिया चमकेगा तू भी.

रोशन होगा सारा जहान.

सुविचार 238

क्या जीवन सिर्फ काम, धन और सामाजिक मान्यता तक सीमित होना चाहिए ?

_ नहीं, जीवन सिर्फ काम, धन और सामाजिक मान्यता तक सीमित नहीं होना चाहिए.
_ ये सब साधन हैं — जीवन का सार नहीं.
_ सच्चा जीवन तब शुरू होता है जब आप भीतर के अर्थ को महसूस करना शुरू करते हैं —
जब आप यह पूछते हैं कि “मैं क्यों जी रहा हूँ ?”
_ जब आप प्रेम, शांति, सृजन, और आत्मिक संतुलन की दिशा में बढ़ते हैं.
_ धन और मान्यता बाहर की दुनिया में सम्मान दिला सकते हैं,
_ पर संतोष, सुकून और गहराई भीतर के जीवन से ही आती है.!!
जीवन को सहज और सरल बनाओ. बनावटीपन अपने अन्दर मत आने दो,

_ क्योंकि दिखावे से ही अशान्ति पैदा होती है और इन सबसे बचकर चलने से आनन्द आता है.!!

मस्त विचार 204

बहुत कुछ सीखा जाती है ज़िन्दगी.

हँसते को रुला जाती है ज़िन्दगी.

जी सको उतना जी लो.

क्योंकि बहुत कुछ बाकी रह जाता है,

और ख़त्म हो जाती है ज़िन्दगी.

मस्त विचार 201

सबसे सुन्दर नाता दो नैनों का होता है.

एक साथ खुलते- बंद होते हैं,

एक साथ रोते हैं, और एक साथ ही सोते हैं.

वो भी जीवन भर एक दूसरे को देखे बगैर …………!

मस्त विचार 199

छू ले आसमान, ज़मीन की तू तलाश न कर.

मजा ले ले ज़िन्दगी का. खुशियों की तू तलाश न कर.

ग़मों से दूर हो कर, तेरी तक़दीर भी बदल जाएगी.

मुस्कुराना सीख ले, उस की वजह की तलाश न कर.

मस्त विचार 198

 मेरी जिंदगी में तुम इतना शामिल हो जाओ,

जैसे अँधेरे में प्रकाश जा के ज्योति की आस जगा दे.

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