सुविचार – सुविधा, Facility – 237
_ लेकिन न तो उसकी तैयारी करते हैं न कुछ सोचते हैं.!!
बस नजर अन्दाज करते है… उसे…
उसी की तरह..!!
पढ़ो तो किताब है ज़िन्दगी.
सुनो तो ज्ञान है ज़िन्दगी.
हंसकर जियो तो आसान है ज़िन्दगी.
तेरी हर एक ‘सुबह’ मुझे
अपने से मिलने का जो एहसास दीलाती है”
तेरे प्रेम ने दुनिया को झूठा कहना सीखा दिया.
किसी दर्द या खुशी का अहसास नहीं है अब तो.
सब- कुछ जिन्दगी में चुप- चुप सहना सीखा दिया.
हमने तुम्हे ही विष पिलाया!
कैसा है आदमी मौला
के आज भी जीना न आया!!
रो रहे कुछ लोग तेरे प्यार में
रह रह तडप उठते हुआ जो तुम पर
हुकूमतें लेकिन वही हैं
सुकरात को जिनने जलाया!!
अच्छे लोग हैं कमतर
जाहिलों की दुनिया है
कभी मंसूर को काटा
कभी हजरत को सताया!!
तुम आये थे अमरित पिलाने
हमने तुम्हे ही विष पिलाया!!
जो निभा दे वो फ़रिश्ता है.
हर वक़्त तेरी याद मेरे साथ है.
मन तो करता है कि खुद से ही खुद को चुरा लूँ.
पर कहते हैं चोरी करना बुरी बात है.
यह कभी ठंडी लगे, तो यह कभी गर्म लगे .
तुम अगर बैठ भी जाओ, नजदीक में आकर .
सच में कहूं, सारी दुनिया ही मस्त लगे .