उम्मीद अपने आप में एक सम्पूर्ण पैकेज है, जो अपने साथ नया जोश, कामयाबी और खुशियों की सौगात लेकर आती है.
सुविचार 342
घटनाओं को नहीं, लेकिन हम उनकी प्रतिक्रिया को रोक सकतें हैं.
मस्त विचार 373
दोस्ती उन से करो जो निभाना जानते हो ,
नफरत उनसे करो जो भूलना जानते हो,
गुस्सा उनसे करो जो मनाना जानते हो,
प्यार उनसे करो जो दिल लुटाना जानते हो ।
मस्त विचार 372
कर्म ही करना हैं तुझको, तो ये कर्म कर दे मेरे खुदा
तू मेरी खवाहिशो को कम कर दें.
मस्त विचार 371
क्यूँ हम आपके ख्यालों में खो जाते हैं,
एक पल की दूरी में रो जाते हैं.
ऐ यार..हमें इतना बता दो कि हम ही ऐसे हैं,
या आपसे प्यार करने के बाद सब ऐसे हो जाते हैं…
मस्त विचार 370
बेवजह बोझ न दिल पे भारी रखिये.
ज़िन्दगी जंग है, इस जंग को जारी रखिये.
कितने दिन जिन्दा रहे इसका क्या गिनना.
किस तरह जिन्दा रहे, इसकी शुमारी रखिये.
मस्त विचार 369
जिंदगी आज मेरे नाम से शरमाती है,
अपनी हालत पे मुझे खुद भी हंसी आती है.
सुविचार – हिंदी दिवस – 341
हिंदी में बातचीत के दौरान अचानक से इन चंद अंग्रेजी के चार शब्दों —
Basically, Actually, Obviously, Seriously, Literally, Exactly, Totally, Honestly, Anyway, Whatever, Chill, Bro, Sorry, Please, Exactly, Random, Vibe, Issue, Problem, Manage, Adjust, Confirm, Update, Plan, Situation, Comfortable, Confused, Frustrated, Depressed, Toxic, Positive, Negative, Mindset, Personal, Professional, Practical, Genuine, Simple, Normal
को बीच में घुसेड़कर हिंदी की शोभा बढ़ाने वाले गाइजों को भी हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं.
लिट्ररली, बुलशिट, लिव इट, इरिटेट मत करो ये थोड़ा पर्सनल है, बाकी आप अपना बताइए. 
– पथिक मनीष
मस्त विचार 368
मिलावट है तेरे इश्क़ में इत्र और शराब की..
कभी हम महक जाते हैं तो कभी बहक जाते हैं!!
मस्त विचार 367
जब चारों ओर अंधेरा हो, ज्ञान का दीप जला लेना,
जब गमों ने तुमको घेरा हो, तुम हाल *मुरशद* को सुना देना,
जब दुनियाँ तुम से मुँह मोड़े , तुम अपने *मुरशद* को मना लेना,
जब अपने तुमको ठुकरा दे , *मुरशद* के दर को तुम अपना लेना,
जब कोई तुम को रूलाये तो, तुम *मुरशद* के गीत गुनगुना लेना,
*मुरशद* करूणा का सागर है , तुम उसमें डुबकी लगा लेना ,,,,?
आ गया समय जाने का, दुनिया को लुभाने का,
जाने अब कब झूमेंगे मस्ती में,
फिर कब घूमेंगे ज्ञान की कश्ती में,
काश थोड़ा समय और मिल पाता,
थोड़ा और नाचता और गाता.
खुदा मिले या न मिले, पर मेरे मुरशद का साथ मिल गया.
खुदा तो नहीं मिला इन तीन दिनों में,
पर खुदा रूपी मुरशद जरूर मिल गया.
अधूरा हूँ मैं जिसके बिन, उस मुरशद से अब दिल लग गया.
बस अपना प्यार बरसाना, मन में ज्ञान का दीप जलाना.
आए कोई कठिनाई का समय, बस सही राह दिखाना.
अब आपके दिखाए रास्ते पर चलेंगे, थोड़ा गिरेंगे और संभलेंगे.
बस आप ज्ञान रूपी अमृत पिला दो, और मेरी नैया उस पार लगा दो.




