मस्त विचार 4349
जिस्म मिट्टी का, सांसों की महज़ रवानगी है,
_ ज़िन्दगी का मुझमें, दूर तक नामो-निशाँ नहीं.!!
सिर्फ़ सांसों की आवाजाही को जीना नहीं कहते.!!
_ ज़िन्दगी का मुझमें, दूर तक नामो-निशाँ नहीं.!!
लेकिन फिर भी, सारे जगत का हिसाब है.
उनकी भी एक याद बनी रहती है जीवन में..
_ जिस समय हम गलतियों का स्वीकार कर लेते हैं, उस समय परिवर्तन प्रारम्भ हो जाता है.
बिना बताए किसी को सो जाता हूँ….!!
_ आपका घर तो सिर्फ़ रास्ते में आया था”
_ ऐसे लोगों से दूर रहने में ही आपकी भलाई है.!!
तो आप कभी वास्तविकता को नहीं जान पाएंगे.
वरना ! उदासी उन्हें भर देती हैं..