मस्त विचार 4266
” सुलझते सुलझते भी जो उलझ उलझ जाती है,
एक ऐसी पहेली है, जो ज़िंदगी कहाती है,”
एक ऐसी पहेली है, जो ज़िंदगी कहाती है,”
आप या तो अभी खुश होना चुन रहे हैं या आप खुश न होने का बहाना बना रहे हैं.
जो थोड़ा है उसी में खुश रहो. कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके पास कुछ नहीं है फिर भी वे मुस्कुराने में कामयाब हो जाते हैं.
जो बोया है वो निकलना तय है..
मेरे पास तो अब मैं भी नहीं..
जिसे अपनी ऊंचाई पर यकीन नहीं होता है.