मस्त विचार 208
और सजा लो कुछ नयी सदभावनाएँ.
मस्त विचार 207
कमबख्त जो भी उस से मिलता है, ज़िन्दगी जीना ही छोड़ देता है.
मस्त विचार 206
दुनिया में हजारों रंग होते हुए भी काला और सफेद रंग सब से बेहतर है.
खाने के लिए दुनिया भर की चीजें होते हुए भी उपवास शरीर के लिए सबसे बेहतर है.
पर्यटन के लिए रमणीक स्थल होते हुए भी पेड़ के नीचे ध्यान लगाना सबसे बेहतर है.
देखने के लिए इतना कुछ होते हुए भी बंद आँखों से भीतर देखना सबसे बेहतर है.
सलाह देने वाले लोगों के होते हुए भी अपनी आत्मा की आवाज सुनना सबसे बेहतर है.
जीवन में हजारों प्रलोभन होते हुए भी सिद्धांतों पर जीना सबसे बेहतर है.
मस्त विचार 205
ज्ञान का दीपक तुम भी जलाओ.
चमकेगी दुनिया चमकेगा तू भी.
रोशन होगा सारा जहान.
सुविचार 238
_ क्योंकि दिखावे से ही अशान्ति पैदा होती है और इन सबसे बचकर चलने से आनन्द आता है.!!
मस्त विचार 204
हँसते को रुला जाती है ज़िन्दगी.
जी सको उतना जी लो.
क्योंकि बहुत कुछ बाकी रह जाता है,
और ख़त्म हो जाती है ज़िन्दगी.
मस्त विचार 203
और मेरी निग़ाहें हैं, सूरज के ठिकानों तक.
मस्त विचार 202
मुझे लोगों की तरह बदल जाना नहीं आता……!
मस्त विचार 201
एक साथ खुलते- बंद होते हैं,
एक साथ रोते हैं, और एक साथ ही सोते हैं.
वो भी जीवन भर एक दूसरे को देखे बगैर …………!






