मस्त विचार 061
इस दौरान मुझे कई कटु अनुभव हुए.
इन्ही संघर्षों ने मुझे बहुत कुछ सीखाया.
जिससे मेरे जीवन को नया आकार मिला.
इस दौरान मुझे कई कटु अनुभव हुए.
इन्ही संघर्षों ने मुझे बहुत कुछ सीखाया.
जिससे मेरे जीवन को नया आकार मिला.
कुछ सीखूँ, समझूँ और जब लौट कर घर आऊँ
तो हर सीखी हुई बात को अपने जीवन में उतारूँ.
शर्त सिर्फ यह है कि बदलाव बुरा नहीं होना चाहिए.
इसलिए तू मेरा इम्तहान लेता है,
और इम्तहान से बाहर आने के लिए,
इम्तहान में पूरा उतरने के लिए,
ताकत भी तू ही देता है.
प्राणों से भी तू समीप था, पर मै ही तुझको पहचान न सका.
मतलब
जीवन का नाश होना.
कोई अच्छा लगा बस लगता चला गया.
इन्हें चलने दो ऐसे ही… इल्ज़ाम ना देना तुम.
ऐसे ही रहने दो तुम… तिश्नग़ी हर लफ़्ज़ में…
के अल्फ़ाज़ों को मेरे… अंज़ाम ना देना तुम.
कभी न कभी तो बुझ जाऊँगा.
आज शिकायत है लोगों को मेरी रोशनी से.
कल अँधेरे में उन्हें बहोत याद आऊँगा.
कुछ तो मनमानी करने दो, कब तक तरसाओगे मन को.
कुछ बात करो तो बात बने, कुछ दूर हम तुम साथ चलें.
क्या खोया है क्या पाया है, जीवन कि कहानी कहने दो.
कुछ हँस के कुछ पा लेंगे हम, रोने से सब खो देंगे हम.
हाथों में हाथ मेरा ले लो, जीवन मस्ताना बनने दो.
अपनो को छोड़ने की सलाह ग़ैरों से लेता है…