मस्त विचार 051

कभी सुख मिला, कभी दुःख मिला

जीवन को हँस कर बिताया मैंने.

सफ़र ये आसान न होगा

जान कर भी कदम बढ़ाया मैंने.

ख़ुशी और गम जो भी मिले

दोनों.को गले लगाया मैंने.

इस दुर्गम रास्ते के काँटों से

जीवन अपना सजाया मैंने.

जीवन के पथरीले रास्ते पर

कभी सुख मिला, कभी दुःख मिला.

सुविचार – युवा – जवान – Young – 211

युवा होने का कोई सम्बन्ध उम्र से नहीं है, युवा होना चित्त की अवस्था है.

_ जो युवा देश और समाज की गली सड़ी व्यवस्था का, झूठी धार्मिक मान्यताओं का, पाखंडों का, रूढियों का, अन्धविश्वास का, धार्मिक व सामाजिक बुराइयों का विरोध नहीं करता, वो युवा होकर भी युवा नहीं है, वो तो बुढ़े से भी गया गुजरा है, उससे देश और समाज का कोई भला नहीं हो सकता.
_ युवा वो है जो देश और समाज की इन गली सड़ी व्यवस्थाओं का विरोध करे,
_ इनके विरुद्ध आवाज बुलंद करे. देश और समाज को नयी दिशा दे,
_ दुनिया के साथ अपने देश और समाज को प्रतिस्पर्धा में शामिल करें, चुनौतियों का सामना करे.
नई-नई और तार्किक बातें सीखने की ललक जब तक आपके अंदर रहेगी..
तब तक आप ऊर्जावान और युवा रहेंगे..- अन्यथा आप बूढ़े और ढुल्लू हैं.!!
** काश मैं अपने 20 साल पर ये बातें जान पाती **

।। आज का लेख युवाओं को समर्पित ।।
इस लेख के माध्यम से मैं युवा वर्ग को संदेश देना चाहती हूं।
कहते हैं ना हमेशा दूसरों की गलतियों से सीखना चाहिए, मेरे खुद के अनुभव से जीवन की कुछ सच्चाइयां ।
1. काश समाज के दबाव के बजाय खुद हिम्मत दिखाकर अपना करियर चुन पाते तो अपना बेस्ट दिया होते आज स्थिति कुछ और होती ।
2. जब आपके आसपास के लोग आपको हर वक्त नीचे खींचने लगे तो समझ जाओ कि आप वह कर रहे हैं जो बाकी लोग नहीं कर सकते ।
3. काश यह बात पता होती की उम्र में बड़ा इंसान हमेशा सही सलाहकार हो यह जरूरी नहीं,
पके बाल हमेशा बुद्धिमान होने का कोई ठोस प्रमाण हो ये ज़रूरी नहीं ।
4. फालतू के बहस झगड़े में न पड़कर शांत रहकर आगे बढ़ गए होते हर बात का जवाब देना जरूरी नही था …फिजुल की बहस हमेशा नीचे ही ले जाती है ।
5. आलोचकों का जवाब देना समय की बर्बादी है, ज्यादातर लोग आपकी बुराई इसलिए करते है क्योंकि उन्हें डर है कि कहीं आप उनसे बहुत आगे ना निकल जाएं ।
6. जब आप किसी से मिलते है तो जिस तरीके से वो आपसे बातचीत करते हैं वो पर्याप्त है ये बताने के लिए वह इंसान कैसा है । संगत हमेशा अच्छे सोच वालो से करिए ।
7. पैसा ,गाड़ी बंगला सुखी जीवन का पैमाना नहीं बल्कि जीवन की उच्चतम सफलता स्वस्थ रहना और मानसिक शांति है ।
8. ईश्वर हमेशा उनकी मदद करता है जो दिलों जान से अपने काम में लगे रहते हैं ।
उस supernatural power पर विश्वास करते हुए अपना 100% consistency के साथ मेहनत को दिया होता और रोज बनाई गई छोटी छोटी योजनाओं पर अमल की होती तो परिस्थितियां कुछ और होती।
9. छोटी छोटी असफलताओं से घबराएं नहीं होते ।
10. अपनी जवानी में उन बेहूदा चीजों को प्राथमिकता नहीं दिए होते जिसका बाद के जीवन में कोई उपयोगिता ही नहीं रह जाती ।
फालतू की चीज़ों में व्यर्थ समय नहीं गवांना चाहिए था ।
– Divya Meera “अर्क”

सुविचार 210

अपने लिए निर्णय लेने का अधिकार दूसरे को मत दो.
Do not let others make decisions for you.

 

सुविचार – “कोई मेरी ख़ामोश मौजूदगी में भी सहज रहे” – 209

“कोई मेरी ख़ामोश मौजूदगी में भी सहज रहे”

“ज़िंदगी का यही मतलब है… जब मैं बिना कुछ किए आराम कर पाता हूँ, और मेरे पास कोई ऐसा होता है जिसे मेरी मौजूदगी से कोई परेशानी नहीं होती”
_ यह बिल्कुल सही, गहरी और मानवीय भावना है.
– क्यों यह सही है ?
1. मनुष्य को सुरक्षा और सहजता चाहिए..
_ हम सबके भीतर एक शांत इच्छा होती है — कोई ऐसा हो जिसके सामने हमें खुद को साबित न करना पड़े… न कोई दिखावा, न कोई रोल.
_ बस “मैं हूँ, इतना काफी है” वाली भावना..
2. सच्चा रिश्ता वही होता है.. जहाँ आपकी उपस्थिति बोझ न हो.
_ जब कोई आपकी मौजूदगी में खुद बना रहे और आप उसकी मौजूदगी में… तो वही वास्तविक जुड़ाव है.
_ ये बहुत दुर्लभ और बहुत मूल्यवान होता है.
3. शांति “करने” में नहीं, “होने” में मिलती है..
_ कभी-कभी ज़िंदगी का सबसे सच्चा अर्थ तब मिलता है जब हम कुछ नहीं कर रहे होते… और फिर भी पूरा महसूस करते हैं.
__ अगर आपको ऐसा कोई क्षण मिले, कोई व्यक्ति मिले, या सिर्फ अपने भीतर ऐसी शांति मिले–
_ तो समझिए कि आप सही दिशा में हैं, क्योंकि मन वहीं आराम पाता है.. जहाँ उसे स्वीकार किया जाता है.!!
“जब कोई मेरी ख़ामोश मौजूदगी में भी सहज रहे, वही रिश्ता असली मायने रखता है”

मस्त विचार 050

मै चैन से सोने लगा हूँ.

जिन्दगी ने वो तकलीफ है बख्सी.

मौत का खौफ खोने लगा हूँ.

काबिले भरोसे का कोई,

इन्सान नहीं मिलता.

पत्थरों से मन लगाने लगा हूँ.

लुटा रिश्तों के हाथों में इतना.

और लुटवाने कि हिम्मत खो चुका हूँ.

सच जानने कि जिद अधूरी रहेगी.

आदर्शों को अपनाना न सम्भव हुआ.

बे- परवाह अब मै सोने लगा हूँ.

मस्त विचार 049

अच्छा लगा, तेरा बोलना, बतलाना.

अच्छा लगा, तेरा हँसना, मुस्कुराना.

अच्छा लगा, तेरे संग में चलना.

अच्छा लगा, तेरा मिलना, मिलाना.

पर अब दुःख है तेरे जाने का.

तू जो अब तक साथ रहा.

हर दिन तुमने मुझको कुछ सिखलाया.

सुख- दुःख में भी मेरे साथ रहा.

पर फिर भी कहूँगा, अच्छा लगा.

मस्त विचार 047

सिर्फ एक ही तमन्ना रखते हैं हम अपने दिल में..

बस महोब्बत से याद करो चाहे मुद्दतों न बात करो..

मस्त विचार 046

 क्यों जिन्दगी की राह में मजबूर हो गए,

इतने हुए करीब के हम दूर हो गए,

ऐसा नहीं के हम को कोई भी खुशी नहीं,

लेकिन ये जिन्दगी तो कोई जिन्दगी नहीं,

क्यों इसके फैसले हमे मंजूर हो गए,

पाया तुम्हे तो हम को लगा तुम को खो दिया,

हम दिल पे रोये और ये दिल हम पे रो दिया,

पलकों से ख्वाब क्यों गिरे क्यों चूर हो गए.

मस्त विचार 045

 कभी हंस लिया तेरे बिना, कभी रो लिया तेरे बिना.

कभी जग लिया तेरे बिना, कभी सो लिया तेरे बिना.

भरी दुनिया में अकेला हूँ तेरे बिना.

कभी हंस लिया तेरे बिना, कभी रो लिया तेरे बिना.

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