मस्त विचार 191
देख तू अपनी नजर से.
अपने में भी मुझे तू ही नजर आता है.
जहाँ मैं देखूँ तू ही नजर आता है.
देख तू अपनी नजर से.
अपने में भी मुझे तू ही नजर आता है.
जहाँ मैं देखूँ तू ही नजर आता है.
…………जो गिरते रहे और संभलते रहे.
जीवन में कौन बना रहेगा, यह आपका व्यवहार तय करेगा.
बस नजर अन्दाज करते है… उसे…
उसी की तरह..!!
पढ़ो तो किताब है ज़िन्दगी.
सुनो तो ज्ञान है ज़िन्दगी.
हंसकर जियो तो आसान है ज़िन्दगी.
तेरी हर एक ‘सुबह’ मुझे
अपने से मिलने का जो एहसास दीलाती है”
तेरे प्रेम ने दुनिया को झूठा कहना सीखा दिया.
किसी दर्द या खुशी का अहसास नहीं है अब तो.
सब- कुछ जिन्दगी में चुप- चुप सहना सीखा दिया.
हमने तुम्हे ही विष पिलाया!
कैसा है आदमी मौला
के आज भी जीना न आया!!
रो रहे कुछ लोग तेरे प्यार में
रह रह तडप उठते हुआ जो तुम पर
हुकूमतें लेकिन वही हैं
सुकरात को जिनने जलाया!!
अच्छे लोग हैं कमतर
जाहिलों की दुनिया है
कभी मंसूर को काटा
कभी हजरत को सताया!!
तुम आये थे अमरित पिलाने
हमने तुम्हे ही विष पिलाया!!